उपहास व आलोचना

 

👉 उपहास व आलोचना

 

🔶 एक दिन स्कूल टीचर ने बोर्ड पर लिखा :

9×1=7

9×2=18

9×3=27

9×4=36

9×5=45

9×6=54

9×7=63

9×8=72

9×9=81

9×10=90

 

🔷 जब उन्होंने पूरा लिख लिया, उन्होंने विद्यार्थियों की तरफ देखा और पाया कि सभी विद्यार्थी उन पर हँस रहे हैं, क्योंकि प्रथम गुणांक गलत था!

 

🔶 फिर टीचर ने कहा कि,

 

🔷 "मैने पहला वाला जान बूझ कर गलत लिखा, क्योंकि मैं चाहती थी कि आप आज बहुत महत्वपूर्ण बात सीखें।

 

🔶 मैं चाहती थी कि आप जानें कि संसार में आप के साथ कैसा व्यवहार होगा आपने देखा, कि मैंने नौ बार सही लिखा, पर किसी ने मुझे इसके लिये बधाई नही दी; अपितु मेरी एक गलती पर आप सभी हँसे, और मेरा उपहास किया। यही सीख है।।।:

 

🔷 यह संसार आपकी हजार बार अच्छाई की तारीफ नही करेगा, परन्तु आपके द्वरा की गयी गलती की आलोचना (उपहास) अवश्य करेगा।।।

 

🔶 परन्तु इससे आपको हताश व निराश होने की आवश्यकता नहीं है, सदैव उपहास व आलोचना से ऊपर उठें मजबूत बनें।

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