अध्याय IV, खंड I, परिचय
अधिकरण सारांश: परिचय
तीसरे अध्याय में ज्ञान के साधनों पर चर्चा की गई है। इस अध्याय में ज्ञान के परिणाम तथा कुछ अन्य विषयों पर चर्चा की गई है। हालाँकि, आरंभ में ज्ञान के साधनों से संबंधित विशेष चर्चा की गई है।
अध्याय IV, खंड I, परिचय
अधिकरण सारांश: परिचय
तीसरे अध्याय में ज्ञान के साधनों पर चर्चा की गई है। इस अध्याय में ज्ञान के परिणाम तथा कुछ अन्य विषयों पर चर्चा की गई है। हालाँकि, आरंभ में ज्ञान के साधनों से संबंधित विशेष चर्चा की गई है।
Rigveda mantra
अर्वाञ्चा वां सप्तयोऽध्वरश्रियो वहन्तु सवनेदुप । इषं पृञ्चन्ता सुकृते सुदानव आ बर्हिः …
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