निर्लक्ष्म्यं ललाम्यं निररातिं - श्लोक 1
अथ या भद्रा तानि नः प्रजाया अरातिं नयामसि ॥१॥
हे देवता! आप निर्लक्ष्मी और सुशांत हैं। आप उन शुभताओं को हमारे जीवन में लेकर आएँ, और प्रजा के लिए अरातियों को दूर करें।
English:
O Deities! You are free from misfortune and full of calmness. Bring auspiciousness into our lives and remove miseries for your people.
निर्लक्ष्म्यं = दुर्भाग्य रहित | ललाम्यं = शांत / प्रिय | निररातिं = दुःख रहित | सुवामसि = आप हैं | अथ = और | या = जो | भद्रा = शुभताएँ | तानि = वे | नः = हमारे | प्रजाया = प्रजा के लिए | अरातिं = दुःख / कष्ट | नयामसि = दूर करें
निरस्मभ्यमनुमती रराणा प्रेमां देवा असाविषुः सौभगाय ॥२॥
सविता, वरुण, मित्र और अर्यमा, आप हमारे दुःखों को दूर कर, देवताओं का प्रेम और सौभाग्य हमारे लिए बनाए रखें।
English:
Savita, Varuna, Mitra, and Aryama, remove our miseries and grant divine love and fortune for us.
निररणिं = दुःख दूर करने वाला | सविता = सूर्य देव | साविषक्पदः = शुभ पदधारी | निर्हस्तयोः = हाथों से दूर | वरुणः = वरुण देव | मित्रः = मित्र देव | अर्यमा = अर्यमा देव | निरस्मभ्यम् = हमारे कष्टों से दूर | अनुमती = अनुमति / कृपा | रराणा = प्रेम / सौभाग्य | देवाः = देवता | असाविषुः = हमारे लिए | सौभगाय = सौभाग्य
सर्वं तद्वाचाप हन्मो वयं देवस्त्वा सविता सूदयतु ॥३॥
जो भय और कष्ट हमारे शरीर में या केशों में हैं, हे देवता! उन्हें दूर कर, हे सविता, प्रकाश फैलाएँ।
English:
Whatever fear or suffering is in our body or hair, O Deities! Remove it, O Savita, let the light shine.
यत् = जो | आत्मनि = शरीर में | तन्वां = तुम्हारा / हमारे | घोरमस्ति = भय / कष्ट है | यद्वा = या | केशेषु = बालों में | प्रतिचक्षणे = दृष्टि से | सर्वं = सब | तद्वाचाप् = उसके शब्द / मन्त्र | हन्मो = हम नष्ट करें | वयं = हम | देवः = देवता | त्वा = तुम्हें | सविता = सूर्य देव | सूदयतु = प्रकाश फैलाएँ
विलीढ्यं ललाम्यं ता अस्मन् नाशयामसि ॥४॥
हम ऋषियों और गायों को सुरक्षित रखने के लिए प्रयास करते हैं, और जो विपत्ति और भय हैं, उन्हें दूर करें।
English:
We strive to protect the sages and cows, and destroy the calamities and fears that threaten us.
रिश्यपदीं = ऋषियों के चरण | वृषदतीं = गायों के लिए | गोषेधां = गोशालाओं / पशुओं की रक्षा | विधमामुत = हम करते हैं / स्थापित करते हैं | विलीढ्यं = खेल / क्रिया | ललाम्यं = प्रिय / सौम्य | ता = वह | अस्मन् = हमारे लिए | नाशयामसि = नष्ट करें
