येऽमावास्यां रात्रिमुदस्थुर्व्राजमत्त्रिणः - श्लोक 1
अग्निस्तुरीयो यातुहा सो अस्मभ्यमधि ब्रवत्॥१॥
इस अमावस्या की रात में, वे त्रिण देवता उदय हों, और अग्नि हमारे मध्य से प्रवाहित हो।
English:
On this new moon night, may the three Trini deities rise, and may Agni flow among us.
येऽमावास्यां = इस अमावस्या में | रात्रिमुदस्थु = रात में उत्पन्न हों | व्राजमत्त्रिणः = त्रिण देवता | अग्निः = अग्नि | तुरीयो = तीसरा | यातुहा = वह चले / प्रवाहित हो | सो = वह | अस्मभ्यमधि = हमारे बीच | ब्रवत् = प्रवाहित हो
सीसं म इन्द्रः प्रायच्छत्तदङ्ग यातुचातनम्॥२॥
वरुण सीस पर आसीन हो, अग्नि सीस पर स्थापित हो, और इन्द्र सीस से बल प्रदान करे, ताकि त्रिण देवता हमारे पास आएँ।
English:
Varuna sits upon the seat, Agni establishes on the seat, and Indra provides strength from the seat, so that the Trini deities come near us.
सीसायाध्याह = सीस पर बैठे | वरुणः = वरुण | सीसायाग्निः = सीस पर अग्नि | उपावति = स्थापित हो | सीसं म = सीस से | इन्द्रः = इन्द्र | प्रायच्छत् = बल प्रदान करे | तदङ्ग = उस प्रकार | यातुचातनम् = त्रिण देवता आएँ
अनेन विश्वा ससहे या जातानि पिशाच्याः॥३॥
यह अर्पित वस्तु सुरक्षित रहे, और त्रिण देवता इसे बनाए रखें, ताकि सभी विश्व के पिशाच इससे डरें।
English:
May this offering remain safe, and may the Trini deities guard it, so that all the demons of the world fear it.
इदं = यह | विष्कन्धं = अर्पित वस्तु | सहत = सुरक्षित | बाधते = बनाए रखें | अत्त्रिणः = त्रिण देवता | अनेन = इसके द्वारा | विश्वा = सभी | ससहे = डरें | या जातानि = जो उत्पन्न हुए | पिशाच्याः = राक्षस / पिशाच
तं त्वा सीसेन विध्यामो यथा नोऽसो अवीरहा॥४॥
यदि गाय हो, हंस हो या अश्व या मनुष्य, तो उसे सीस द्वारा सुरक्षित करें, जैसे कि वह हमारे लिए अविनाशी है।
English:
If it is a cow, a swan, a horse, or a human, may it be protected by the seat, as if it is indestructible for us.
यदि = यदि | नो = हमारे लिए | गां = गाय | हंसि = हंस | यद्यश्वं = या अश्व | यदि पूरुषम् = या मनुष्य | तं = उसे | त्वा सीसेन = सीस द्वारा | विध्यामो = सुरक्षित करें | यथा = जैसे | नोऽसो = हमारे लिए | अवीरहा = अविनाशी
