Rigveda/1/185/1 | Ved Portal - Search & Read

Rigveda/1/185/1 | Ved Portal - Search & Read :

कतरा पूर्वा कतरापरायोः कथा जाते कवय: को वि वेद। विश्वं त्मना बिभृतो यद्ध नाम वि वर्तेते अहनी चक्रियेव ॥

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

Featured post

इस दुनिया में सबसे कठिन कार्य: अपनी शर्तों पर जीना | स्वाधीनता का दर्शन

संपर्क फ़ॉर्म

नाम

ईमेल *

संदेश *

View of the Site

यह ब्लॉग खोजें