श्रीरामायण पाठ — बालकाण्डम्/सर्गः ४६
१. हतेषु तेषु पुत्रेषु दितिः परमदुःखिता। मारीचं कश्यपं नाम भर्तारमिदमब्रवीत् ॥१॥
- हिन्दी व्याख्या: अपने उन पुत्रों (असुरों) के मारे जाने पर दिति को परम दुःख हुआ। तब उन्होंने अपने पति मारीच कश्यपजी से यह वचन कहा—
- English Translation: When those sons were slain, Diti, being supremely distressed, spoke these words to her husband, named Maricha Kashyapa:
२. हतपुत्रास्मि भगवंस्तव पुत्रौर्महाबलैः। शक्रहन्तारमिच्छामि पुत्रं दीर्घतपोर्जितम् ॥२॥
- हिन्दी व्याख्या: "हे भगवन्! आपके महाबली पुत्रों (देवताओं) द्वारा मेरे पुत्र मारे जा चुके हैं। अब मैं दीर्घकालीन तपस्या से प्राप्त होने वाला तथा इंद्र (शक्र) का वध करने में समर्थ पुत्र चाहती हूँ।"
- English Translation: "'O Lord, my sons have been killed by your exceedingly mighty sons. I desire a son, won through prolonged penance, who will be the slayer of Indra (Shakra).'"
३. साहं तपश्चरिष्यामि गर्भं मे दातुमर्हसि। ईश्वरं शक्रहन्तारं त्वमनुज्ञातुमर्हसि ॥३॥
- हिन्दी व्याख्या: "अतः मैं तपस्या करूँगी, आप मुझे ऐसा गर्भ प्रदान कीजिए। इंद्र का वध करने में समर्थ उस संतान के लिए आप मुझे अनुमति दीजिए।"
- English Translation: "'Therefore I shall perform penance; you ought to grant me a [suitable] embryo. You must consent to this powerful son who will slay Shakra.'"
४. तस्यास्तद्वचनं श्रुत्वा मारीचः कश्यپस्तदा। प्रत्युवाच महातेजा दितिं परमदुःखिताम् ॥४॥
- हिन्दी व्याख्या: उनकी उस बात को सुनकर महातेस्वी मारीच कश्यपजी ने परम दुःखी हुई दिति को उत्तर दिया—
- English Translation: Hearing those words of hers, the highly radiant Maricha Kashyapa then replied to the deeply sorrowful Diti:
५. एवं भवतु भद्रं ते शुचिर्भव तपोधने। जनयिष्यसि पुत्रं त्वं शक्रहन्तारमाहवे ॥५॥
- हिन्दी व्याख्या: "ऐसा ही हो, तुम्हारा कल्याण हो। हे तपोधने! तुम पवित्र रहो, तुम युद्ध में इंद्र का वध करने वाले पुत्र को उत्पन्न करोगी।"
- English Translation: "'Let it be so, may you be blessed. Remain pure, O lady rich in penance; you shall bring forth a son who will slay Shakra in battle.'"
६. पूर्णे वर्षसहस्रे तु शुचिर्यदि भविष्यसि। पुत्रं त्रैलोक्यहन्तारं मत्तस्त्वं जनयिष्यसि ॥६॥
- हिन्दी व्याख्या: "यदि सहस्र वर्ष पूरे होने तक तुम पूर्णतः पवित्र रहोगी, तो तुम मुझसे तीनों लोकों पर विजय प्राप्त करने वाले (या इंद्र का वध करने वाले) पुत्र को जन्म दोगी।"
- English Translation: "'If you remain completely pure until the completion of a thousand years, you shall engender from me a son who will conquer the three worlds.'"
७. एवमुक्त्वा महातेजाः पाणिना सम्ममार्ज ताम्। तामालभ्य ततः स्वस्ति इत्युक्त्वा तपसे ययौ ॥७॥
- हिन्दी व्याख्या: महातेस्वी कश्यपजी ने ऐसा कहकर अपने हाथ से उनके शरीर को सहलाया (स्पर्श किया) और 'तुम्हारा कल्याण हो' ऐसा कहकर वे तपस्या के लिए चले गए।
- English Translation: Having spoken thus, the highly radiant sage stroked her with his hand, touched her, and saying "May you be blessed," departed for penance.
८. गते तस्मिन् नरश्रेष्ठ दितिः परमहर्षिता। कुशप्लवं समासाद्य तपस्तेपे सुदारुणम् ॥९/८॥
- हिन्दी व्याख्या: हे नरश्रेष्ठ! उनके चले जाने पर दिति ने परमहर्षित (अत्यंत प्रसन्न) होकर 'कुशप्लव' नामक स्थान पर जाकर अत्यंत दारुण (कठिन) तपस्या की।
- English Translation: O best among men, when he had departed, Diti, overjoyed, repaired to Kushaplava and performed a most rigorous penance.
९. तपस्तस्यां हि कुर्वत्यां परिचर्यां चकार ह। सहस्राक्षो नरश्रेष्ठ परया गुणसम्पदा ॥९॥
- हिन्दी व्याख्या: हे नरश्रेष्ठ! जब वे तपस्या कर रही थीं, तब सहस्राक्ष (इंद्र) ने परम गुण-सम्पदा (विनम्रता और सेवा-भाव) के साथ उनकी सेवा-परिचर्या की।
- English Translation: O best among men, while she was performing penance, the thousand-eyed one (Indra) rendered service to her with supreme excellence and devotion.
१०. अग्निं कुशान् काष्ठमपः फलं मूलं तथैव च। न्यवेदयत् सहस्राक्षो यच्चान्यदपि कांक्षितम् ॥१०॥
- हिन्दी व्याख्या: सहस्राक्ष (इंद्र) उनके लिए अग्नि, कुश, काष्ठ, जल, फल, मूल तथा और जो-जो वस्तुएँ भी वांछित थीं, उन सबको लाकर निवेदन करते थे।
- English Translation: The thousand-eyed one offered fire, kusha grass, fuel, water, fruits, roots, and whatever else was desired by her.
११. गात्रसंवाहनैश्चैव श्रमापनयनैस्तथा। शक्रः सर्वेषु कालेषु दितिं परिचचार ह ॥११॥
- हिन्दी व्याख्या: शक्र (इंद्र) सभी समयों में दिति के अंगों को दबाकर (मालिश करके) उनकी थकान को दूर करते हुए उनकी सेवा करते रहे।
- English Translation: Shakra served Diti at all times by massaging her limbs and relieving her fatigue.
१२. पूर्णे वर्षसहस्रे सा दशोने रघुनन्दन। दितिः परमसंहृष्टा सहस्राक्षमथाब्रवीत ॥१२॥
- हिन्दी व्याख्या: हे रघुनन्दन! जब सहस्र वर्ष में केवल दस वर्ष शेष रह गए (अर्थात नौ सौ नब्बे वर्ष पूरे हो गए), तब दिति ने अत्यंत प्रसन्न होकर सहस्राक्ष (इंद्र) से कहा—
- English Translation: O Raghunandana, when only ten years remained of the thousand (i.e., nine hundred and ninety years had elapsed), Diti, highly delighted, spoke to the thousand-eyed one:
१३. तपस्तक्षरन्त्या वर्षाणि दश वीर्यवतां वर। अवशिष्टानि भद्रं ते भ्रातरं द्रक्ष्यसे ततः ॥१३॥
- हिन्दी व्याख्या: "हे वीर्यवानों में श्रेष्ठ! तपस्या करते हुए मेरे अब दस वर्ष ही शेष बचे हैं। तुम्हारा कल्याण हो, इसके पश्चात् तुम अपने भाई को देखोगे।"
- English Translation: "'O best among the valiant, ten years of my penance yet remain. May you be blessed; thereafter you shall behold your brother.'"
१४. यमहं त्वत्कृते पुत्र तमाधास्ये जयोत्सुकम्। त्रैलोक्यविजयं पुत्र सह भोक्ष्यसि विज्वर ॥१४॥
- हिन्दी व्याख्या: "हे पुत्र! तुम्हारे लिए ही मैं विजय के प्रति उत्सुक और तीनों लोकों को जीतने वाले इस गर्भ को धारण कर रही हूँ। तुम ज्वर (चिंता) रहित होकर उसके साथ राज्य का उपभोग करना।"
- English Translation: "'O son, for your sake I am bearing this embryo, eager for victory. O son, you shall enjoy [the worlds] along with him, free from anxiety.'"
१५. याचितेन सुरश्रेष्ठ पित्रा तव महात्मना। वरो वर्षसहस्रान्ते मम दत्तः सुतं प्रति ॥१५॥
- हिन्दी व्याख्या: "तुम्हारे महात्मन् पिता (कश्यपजी) से मेरे द्वारा याचना किए जाने पर उन्होंने सहस्र वर्ष के अंत में मुझे पुत्र प्राप्ति का यह वरदान दिया था।"
- English Translation: "'When I begged your great-souled father, O best of gods, he granted me a boon concerning a son at the end of a thousand years.'"
१६. इत्युक्त्वा च दितिस्तत्र प्राप्ते मध्यं दिनेश्वरे। निद्रयापहृता देवी पादौ कृत्वाथ शीर्षतः ॥१६॥
- हिन्दी व्याख्या: ऐसा कहकर, जब सूर्य आकाश के मध्य (दोपहर) में पहुँच गए, तब निद्रा के वशीभूत होकर देवी दिति अपने पैरों की दिशा में सिर करके सो गईं (अर्थात मर्यादा के विपरीत अशुचि अवस्था में सो गईं)।
- English Translation: Having spoken thus, when the sun reached its zenith, goddess Diti, overcome by sleep, lay down with her head where her feet ought to have been.
१७. दृष्ट्वा तामशुचिं शक्रः पादयोः कृतमूर्धजाम्। शिरःस्थाने कृतौ पादौ जहास च मुमोद च ॥१७॥
- हिन्दी व्याख्या: सिर की ओर पैर और पैरों की ओर सिर किए हुए उस अशुचि अवस्था में लेटी हुई दिति को देखकर शक्र (इंद्र) हँसे और मन ही मन बहुत प्रसन्न हुए।
- English Translation: Seeing her impure—with her hair towards her feet and her feet placed where her head should be—Shakra laughed and rejoiced.
१८. तस्याः शरीरविवरं प्रविवेश पुरंदरः। गर्भं च सप्तधा राम चिच्छेद परमात्मवान् ॥१८॥
- हिन्दी व्याख्या: हे राम! परमात्मवान् (सतर्क) पुरंदर (इंद्र) उनके शरीर के छिद्र (योनिमार्ग) से भीतर प्रवेश कर गए और गर्भ को सात टुकड़ों में काट डाला।
- English Translation: O Rama, the alert Purandara entered through the apertures of her body and sliced the embryo into seven pieces.
१९. भिद्यमानस्ततो गर्भो वज्रेण शतपर्वणा। रुरोद सुस्वरं राम ततो दितिरबुध्यत ॥१९॥
- हिन्दी व्याख्या: हे राम! जब सौ पर्वों वाले वज्र से वह गर्भ काटा जाने लगा, तब वह जोर-जोर से रोने लगा। उसकी रोने की आवाज से दिति की नींद खुल गई।
- English Translation: O Rama, as that embryo was being pierced by the hundred-jointed thunderbolt, it cried out loudly, and thereby Diti awoke.
२०. मा रुदो मा रुदश्चेति गर्भं शक्रोऽभ्यभाषत। बिभेद च महातेजा रुदन्तमपि वासवः ॥२०॥
- हिन्दी व्याख्या: शक्र (इंद्र) गर्भ से बोले—"मत रोओ, मत रोओ।" किंतु महातेजस्वी वासव (इंद्र) रोते हुए भी उस गर्भ को काटते रहे।
- English Translation: Shakra addressed the embryo, saying, "Do not cry, do not cry." Yet the highly radiant Vasavas continued to cleave the crying [embryo].
२१. न हन्तव्यं न हन्तव्यमित्येव दितिरब्रवीत्। निष्पपात ततः शक्रो मातुर्वचनगौरवात् ॥२१॥
- हिन्दी व्याख्या: दिति ने जागकर कहा—"इसे मत मारो, मत मारो।" तब माता (दिति) के वचनों के गौरव (आदर) से शक्र (इंद्र) गर्भ से बाहर निकल आए।
- English Translation: Diti cried out, "Do not slay him, do not slay him!" Thereupon Shakra emerged [from her body] out of respect for his mother's words.
२२. प्राञ्जलिर्वज्रसहितो दितिं शक्रोऽभ्यभाषत। अशुचिर्देवि सुप्तासि पादयोः कृतमूर्धजा ॥२२॥
- हिन्दी व्याख्या: हाथ में वज्र लिए और अंजलि बाँधकर शक्र ने दिति से कहा—"हे देवी! आप अशुचि (अस्नात/अमर्यादित) अवस्था में पैरों की तरफ सिर करके सोई हुई थीं।"
- English Translation: Holding the thunderbolt with joined palms, Shakra addressed Diti: "O goddess, you were sleeping in an impure state with your head where your feet should be."
२३. तदन्तरमहं लब्ध्वा शक्रहन्तारमाहवे। अभिन्दं सप्तधा देवि तन्मे त्वं क्षन्तुमर्हसि ॥२३॥
- हिन्दी व्याख्या: "हे देवी! मैंने वही अवसर पाकर युद्ध में मेरा वध करने वाले उस गर्भ को सात टुकड़ों में काट दिया। आप मेरे इस अपराध को क्षमा करने की कृपा करें।"
- English Translation: "'Having found that opportunity, O goddess, I split the one destined to slay me in battle into seven parts. You ought to forgive me for this.'"
